बीते साल तो आम आदमी को सिर्फ़ आम आदमी पार्टी से ही जोड़ कर देखा जाने लगा था, पर आज ऐसा नहीं है. जब एक दशरथ माझी नाम का शख़्स पहाड़ चीर कर रास्ता बना सकता है, जब एक गाड़ियों को रंग करने वाले संपूर्ण सिंह कालरा (गुलज़ार साहब) देश के लिए ऑस्कर में नॉमिनेटिड होने वाले गाने लिख सकते हैं, तो एक आम आदमी क्या नहीं कर सकता? खास बनने से पहले हर कोई आम आदमी की श्रेणी में ही आता है जनाब. बस बात ख़ुद को ढालने की और अपने अंदर छुपी कुशलता को बाहर निकालने की है.
1. असम के एक शख़्स ने बीते तीस सालों से पूरे जंगल का रख-रखाव अपने बूते पर कर रखा है. गौरतलब है कि वो इस काम के लिए कभी सरकार और प्रशासन की मदद भी नहीं लेते.
2. आर्मस्टांग पेमे नाम के एक आईएएस अधिकारी ने फेसबुक के माध्यम से चंदा इकट्ठा करने के बाद 100 किलोमीटर की रोड बना दी. इस काम में उनकी मदद स्थानीय लोगों के अलावा किसी ने नहीं की. यहां तक कि प्रशासन भी सामने नहीं आया.
3. अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने से पहले कैसे ट्रीट किये जाते थे लेकिन जनता की मांग पर जब अखाड़े में उतरे तो रुतबा कुछ ऐसा था.
4. हमारे देश में महंगी गाड़ी वालों की कोई इज़्ज़त नहीं होती क्योंकि उन्हें भी सरकारी बसों के पीछे कुछ इस तरह से लगना पड़ता है.
5. पुणें में एक स्कूली छात्र बस के नीचे फंस गया तो आस-पास खड़े लोगों ने बस को उठा कर उसे निकाल लिया.
6. हाल ही में बनी फ़िल्म ‘माझी-द माउंटेन मैन ’ दशरथ माझी के किरदार पर बनी है. इन्होंने बिना किसी सरकारी मदद के लगभग 22 साल के अंतराल में पहाड़ को चीर कर रास्ता बना दिया था.
7. जब मध्य प्रदेश सरकार ने ‘ हेल्मेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं’ वाला क़ानून बनाया, तो वहां के पेट्रोल पंपों का नज़ारा कुछ ऐसा था.
8. एक बच्चे को मेकडॉन्लड में खाना न देने पर इंटरनेट की दुनिया में मेकडॉन्लड को काफ़ी विरोध का सामना करना पड़ा. आखिर बाद में उस ब्रांच को भी बंद कर दिया गया.
9. और इस तस्वीर से साबित होता कि इन भाई साहब जितनी मेहनत पूरे बॉलीवुड में कोई नहीं करता, यहां तक कि रोशन साहब भी नहीं.
10. जब एक मालिक ने ड्राइवर की पगार नहीं दी तो उसने गाड़ी कुछ इस अंदाज़ मे पार्क कर सारा बदला ले लिया.

No comments:
Post a Comment