ट्रांस्की के मवेंजो गाँव में 18 जुलाई, 1918 को हुआ था। माता का नाम नोमजामो विनी मेडीकिजाला था, वे एक मैथडिस्ट थीं। पिता का नाम गेडला हेनरी था। वे गाँव के प्रधान थे। उन्होने बालक का नाम रोहिल्हाला रखा, जिसका अर्थ होता है पेङ की डालियां तोङने वाला या प्यारा शैतान बच्चा। बारह वर्ष की अल्प आयु में उनके सर से पिता का साया उठ गया था।
नेल्सन मंडेला की प्रारंभिक शिक्षा क्लार्कबेरी मिशनरी स्कूल में एवं स्नातक शिक्षा हेल्डटाउन में हुई थी। ‘हेल्डटाउन’ अश्वेतों के लिए बनाया गया विशेष कॉलेज था। इसी कॉलेज में मंडेला की मुलाकात ‘ऑलिवर टाम्बो’ से हुई, जो जीवन भर उनके दोस्त एवं सहयोगी रहे। 1940 तक नेल्सन मंडेला और ऑलिवर ने कॉलेज कैंपस में अपने राजनैतिक विचारों और क्रियाकलापों से लोकप्रियता अर्जित कर ली थी। कॉलेज प्रशासन को जब इसकी खबर लगी तो दोनो को कॉलेज से निकाल दिया गया।
मंडेला बच्चों को बहुत प्यार करते थे। 2002 में उनके पैतृक गॉव में क्रिसमस की पार्टी में 20,000 से भी ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया था और तीन-चार दिन तक खूब धमाचौकङी मचाई थी। मंडेला एक वकील और मुक्केबाज भी थे। 1998 में एक कार्यक्रम में उन्होने कहा था कि, मुझे इस बात का अफसोस रहेगा कि मैं हेवीवेट मुक्केबाजी का विश्व चैम्पियन खिताब नही जीत पाया।
जेल के दौरान परंपरा अनुसार हर कैदी को नम्बर से जाना जाता है। मंडेला का नम्बर था 46664, ये नम्बर आज भी जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में धङक रहा है। दक्षिण अफ्रिका के बीमार पङे कपङा उद्योग में प्रांण फूंकने के लिए नए लेबल को आकार दिया गया ओर इसे 46664 apparel के नाम से नेल्सन मंडेला को समर्पित किया गया। 2002 में 46664 नामक एक संगठन बनाया गया, जिसने एड्स और एचआईवी के प्रति युवाओं में जागरुकता लाने का अभियान चलाया।
दुनिया भले ही उन्हे नेल्सन मंडेला के नाम से जानती हो किन्तु उनके पाँच और नाम भी थे। माता-पिता द्वारा रखा पहला नाम रोहिल्हाला, नेल्सन नाम प्राथमिक विद्यालय के एक अध्यापक द्वारा रखा गया था। दक्षिण अफ्रिका में उन्हे मदीबा नाम से जाना जाता है। कुछ लोग उन्हे टाटा या खुलू भी कहते थे, अफ्रिकी भाषा में जिसका अर्थ होता है क्रमशः पिता और दादा होता है। मंडेला को 16 वर्ष की उम्र में डालीभुंगा नाम से भी पुकारा जाता था।
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