कहते हैं कि गर भगवान इस दुनिया का हिस्सा है तो शैतान के अस्तित्व को भी नहीं नकारा जा सकता. मगर हॉलीवुड की इन कुछ बेहद डरावनी फ़िल्मों में काम करने वाले इन कलाकारों के अनुसार जो कुछ भी उन्होंने देखा और महसूस किया है, उसे सुनकर आप भी इन असाधारण और असामान्य बातों पर यकीन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे.
1. डोरोथी डांड्रिज पर बनी पहली फ़िल्म...
डोरोथी डांड्रिज (पहली अमरीकी-अफ्रीकन जिन्हें ऑस्कर के लिए नामित किया गया था) की जीवनी पर बनायी गयी फ़िल्म में हेली बेरी बतौर अदाकारा काम कर रही थीं. हेली ने ख़ुद यह बात कही कि कोई प्रेतात्मा उनका पीछा कर रहा था. उनके साथ कुछ बहुत ही अजीबो-गरीब घटनाएं घटने लगीं जब उन्होंने पहली बार डोरोथी के गाउन को पहना. हेली Ebony Magazine से बातचीत में बताती हैं कि उन्होंने अपने आप पानी के उबलने की आवाज़ सुनी, साथ ही उन्होंने उस मृत अदाकारा के ड्रेस के सामने एक बेबी डॉल के ड्रेस को हवा में तैरते हुए देखा. जिसे देख कर हेली बुरी तरह रोने लगीं.
कहते हैं कि इस तस्वीर में भी डोरोथी के अंश को देखा जा सकता है.
2. बिहाइंड द कैडलबरा...
जब दुनिया के दो सबसे बेहतरीन, हैंडसम और दिलदार ऐक्टर्स माइकल डगलस और मैट डेमन आपकी फ़िल्म का हिस्सा हों. तो आप मान कर चलते हैं कि किन्हीं भी गड़बड़ाती चीज़ों को वे सुधार सकते हैं. मगर जब यही दोनों ऐक्टर्स किसी भूतिया घटना से परेशान होने लगें तो फ़िर क्या कहा जाए. एक भीतरी सूत्र ने National Enquirer से बताया कि डगलस ने एक बार अपने कंधे पर किसी का हाथ महसूस किया, मगर पीछे देखने पर किसी को नहीं पाया. साथ ही उन्होंने किसी अदृश्य शक्ति के छींकने की आवाज और उससे निकले वाष्प को भी ख़ुद पर महसूस किया.
3. द ओमेन (2006)...
इस फ़िल्म को हॉलीवुड के इतिहास के सबसे डरावने और श्रापित फ़िल्म का दर्जा प्राप्त है. सन् 2006 में बनी इस फ़िल्म के डायरेक्टर जॉन मूर भी बहुत बदकिस्मत रहे, मूर बताते हैं कि एक प्रेत की छाया उनका दो दिनों तक पीछा करती रही और उसने कैमरे से उनके फूटेज को भी खराब कर दिया. जिसमें फूटेज में 666 एरर नामक अनजान चीज़ लगातार आती रही जिसे कोई समझ नहीं सका.
4. यूनिवर्सल स्टूडियो...
अब चूंकि यूनिवर्सल स्टूडियो हॉलीवुड का वो ऐतिहासिक स्टूडियो है जहां अधिकतर डरावनी फ़िल्में बनी हैं, तो जाहिर है कि इसके पास वैसे ही डरावनी पैशाचिक कहानियां भी हैं. स्टेज नंबर 28 जिसे “द फैटम ऑफ ओपेरा” के लिए काम करने वाले सिक्यूरिटी गार्डों ने और प्रोडक्शन स्टाफ की बातों पर यकीन करें तो वे बताते हैं कि उन्होंने कई काले साय़े वहां मंडराते हुए देखे थे. जिसमें से एक भूत कोई और नहीं लोन चेनी-फैंटम ही था. है न अजीबोगरीब!
5. द एक्सोरसिज़्म ऑफ एमिली रोज़...
ऐसा लगता है कि सारी आत्माएं सिर्फ़ सेट्स तक ही नहीं रहना चाहती हैं, जेनिफर कारपेंटर जिन्होंने इस फ़िल्म में पिशाच से प्रभावित युवा लड़की का किरदार निभाया है, उन्होंने इस चीज़ को महसूस किया है कि इस वास्तविक कहानी पर बन रही फ़िल्म में अदाकारी के दौरान उनका कुछ अज्ञात शक्तियां पीछा करती रही थीं. वे बताती हैं कि उनका स्टीरियो प्लेयर ख़ुद-बख़ुद आधी रात को बज उठा और पर्ल जैम के ‘Alive’ का I’m still alive बजने लगा. अब जरा सोचिए कि उन पर क्या बीती होगी.
6. द घोस्ट ऑफ गुडनाइट लेन...
मशहूर फिल्मनिर्माता अलिन बिजान की आगामी फ़िल्म “The Ghost of Goodnight Lane” की कहानी उनकी वास्तविक ज़िंदगी पर आधारित है. इसमें एक भूतिया स्टूडियो का जिक्र था जिसमें पांच लोगों की मौत हो गयी थी. बिजान ने इस वास्तविक घटना से प्रभावित होकर उसी स्टूडियो में फ़िल्म निर्माण करने की सोची. इस फ़िल्म के कलाकारों ने जिसमें Billy Zane भी थे ने भी अजीबोगरीब आवाज़ों को महसूस किया, साथ ही लाइट को चालू-बंद होते देखा. और सीलिंग की पलस्तर को भी कई बार गिरते हुए पाया.
7. द एक्सोरसिस्ट...
इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि हॉरर फ़िल्मों की सबसे कंट्रोवर्सियल और डरावनी फ़िल्मों में से एक को भी काफ़ी कुछ ऐसा झेलना पड़ा, जिससे कईयों की रोंगटे खड़े हो जाएंगे. डायरेक्टर विलियम फ्राइडकिन इस फ़िल्म की शूटिंग के दौरान इतने डर गए थे कि उन्होंने लगातार पादरियों को बुलाकर इस जगह की शुद्धि करवायी. क्योंकि इससे पहले यहां कई दुर्घटनाएं घट चुकी थीं.
8. पारामाउंट स्टूडियोज़...
शहर के सबसे पुरानी कब्रगाह के नज़दीक इस स्टूडियो के साथ भी ढेरों डरावनी कहानियां जुड़ी हैं. यहां काम करने वाले बैकस्टेज स्टाफ कहते हैं कि ‘Poltergeist’ में काम करने वाली कलाकार की 12 साल की उम्र में मौत हो गई थी. वे बताते हैं कि वो आज भी इस स्टूडियो में कैटवॉक और बुरी तरह से हंसते-खिलखिलाते देखी जाती है.
9. द इनकीपर्स...
इस हॉरर फ़िल्म के डायरेक्टर टी वेस्ट ने इस हॉंटेंड होटल में शूटिंग के दौरान अजीबोगरीब चीज़ें महसूस कीं. उन्होंने लगातार दरवाजों को ख़ुद ही बंद होते देखा. लाइटें जलते-जलते ही फूट जाया करती थीं और टी.वी. काे भी यू हीं चालू-बंद होते देखा. इस फ़िल्म की अदाकारा Sara Paxton ने कई बार महसूस किया कोई उन्हें बीच रात बिस्तर में गलत तरीके से छू रहा है, जब कि जागने पर वहां कोई भी नहीं दिखता था.
10. इनसाइट...
कहते हैं कि यदि आत्माओं को आसानी से ख़ुद की ओर आकर्षित कराना हो तो ऐसे डरावनी जगहें चुननी चाहिए जहां वे पहले से मौजूद होते हैं. और इसके लिए अस्पताल से अच्छी जगह शूटिंग के लिए क्या हो सकती है. डाइरेक्टर रिचर्ड गबल के अनुसार यह जगह इतनी डरावनी थी कि यहां चारो तरफ़ वे मौत को महसूस कर सकते थे. वे यह भी बताते हैं कि उनका प्रोड्यूसर एक बार दो घंटे के लिए गायब हो गया. वहां रह-रह कर सारी लाइटें बंद हो जाया करती थीं जिससे वे सभी बहुत डर गए थे.
11. थ्री मेन एंड अ बेबी...
अपने तरह की एकलौती और झूठी कहानी जो 80 के दशक के फैमिली कॉमेडी के इर्द-गिर्द बुनी गई. इस फ़िल्म के एक सीन को लेकर ऐसी अफवाह उड़ायी गयी कि जहां इस फ़िल्म की शूटिंग हो रही थी वहां एक छोटे लड़के की मौत हो गयी थी, जिसे वहां शूटिंग के दौरान बैकग्राउंड में दो पर्दों के बीच देखा गया. जबकि सच्चाई यह थी कि इस फ़िल्म में एक Ted Danson नाम के बच्चे की आकृति वाले कार्ड-बोर्ड का इस्तेमाल किया गया था.
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