Thursday, 6 November 2014

नियमित रूप से रक्‍तदान करने के फायदे

रक्‍तदान महादान

रक्‍तदान महादान

रक्‍तदान को यूं ही नहीं महादान कहा जाता है, यह दूसरों की जान तो बचाता है साथ ही आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी फायदेमंद है। इसलिए नियमित रूप से रक्‍तदान करना चाहिए। यह दिल को मजबूत कर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से भी बचाव करता है। तो क्‍यों न नियमित रूप से रक्‍तदान करें और दूसरों के साथ-साथ अपनी सेहत को भी बेहतर बनायें।

कौन कर सकता है रक्‍तदान
रक्‍तदान कोई भी कर सकता है। यह बहुत ही सुरक्षित प्रक्रिया है जो कि आसान भी है। रक्‍तदान करने से शरीर में रक्‍त की कमी भी नहीं होती है। 16 साल से अधिक और 50 किग्रा से अधिक वजन का व्‍यक्ति रक्‍तदान कर सकता है।

दिल के लिए फायदेमंद
रक्‍तदान को दिल के लिए भी अच्‍छा माना जाता है। नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है और रक्तदाता को हृदय आघात से दूर रखता है। रक्‍तदान से खून पतला होता है जो कि दिल के लिए फायदेमंद है।

नयी रक्‍त कोशिकायें बनती हैं
शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए नई रक्‍त कोशिकाओं की बहुत बड़ी भूमिका होती है। नियमित रूप से रक्‍तदान करने के बाद आपके शरीर में जो नया खून बनता है वह स्‍वास्थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद है।

कैलोरी जलती है
एक युनिट रक्‍तदान करने से हमारे शरीर से 650 कैलोरी जलती है। यह वजन को नियंत्रण में करने में भी मददगार है। तो अगर आप नियमित रूप से रक्‍तदान करते हैं तो अपनी कैलोरी जलाते हैं।

कैंसर के खतरे को कम करता है
कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव के लिए भी आप रक्‍तदान करें। नियमित रक्‍तदान करने से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।

मुफ्त चि‍कित्‍सा जांच
शरीर की नियमित जांच कराने से बीमारियों का निदान हो जाता है और यह आपको रक्‍तदान के दौरान मुफ्त में मिलता है तो क्‍यों न इसका फायदा उठाया जाये। रक्‍तदाता का वजन, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और ब्लड ग्रुप की जांच की जाती है और रक्तदान के बाद एचआईवी और मलेरिया, एचबीएसएजी, एचसीवी, वीडीआरएल और एंटीबॉडी की स्क्रीनिंग जैसी जांच की जाती है।


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