Tuesday, 11 August 2015

इन 10 भारतीय मूल के CEO’s ने अपने काम से किया अपना और अपने देश का नाम

वर्तमान समय में भारत कई वजहों से अतंरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है. कभी हमारे यहां के बच्चे अंतरराष्ट्रीय गोल्फ़ स्पर्धा में अव्वल आ कर नाम रोशन करते हैं, तो कभी यहां की एक विकलांग महिला माउंट ऐवरेस्ट की चोटी पर अपने हौसले के निशान छोड़ कर लोगों को चौंका देती है. लेकिन आज इंटरनेट की दुनिया में भारतीय मूल के “सुंदर पिचाई” गूगल के नये CEO बन के छाये हुए हैं. पर इनके अलावा भी कुछ और शख़्सियतें हैं जिन्होंने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तरजीह दिलवाने में अपना योगदान दिया है.

1. सत्या नडेला

विश्व की सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर बनाने वाली कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला का जन्म भारत में ही हुआ है. ये इस प्रतिष्ठित कंपनी के तीसरे CEO हैं. इन्होंने 22 साल पूर्व इस कंपनी को ज्वाइन किया था.
Source: thenextweb

2. संजय झा

जनवरी 2014 में संजय Globalfoundries के CEO पद पर नियुक्त हुए. गौरतलब है कि Globalfoundries सबसे पहली फुल सर्विस देने वाली Semiconducter Foundry है. संजय बिहार में पैदा हुए हैं और उन्होंने अपनी शिक्षा का अधिकांश हिस्सा विदेश रह कर ही पूरा किया है. इससे पहले ये मशहूर मोबाईल निर्माता कंपनी Motorola Mobility के भी CEO रह चुके हैं.
Source: ibnlive

3. इंदिरा नूई

इंदिरा नूई पेप्सिको कंपनी की चेयरपर्सन होने के साथ-साथ इसकी CEO भी हैं. पेप्सिको विश्व की सबसे बड़ी पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनी है. चेन्नई में पैदा हुई इंदिरा 2006 में कंपनी को लीड करने के बाद इसकी CEO बनी. 1998 में Tropicana को भी ये लीड कर चुकी हैं. इन्होंने अपनी पढ़ाई IIM कलकत्ता से की है.
Source: corner

4. अजय बंगा

अमेरिका की एक प्रतिष्ठित, आर्थिक एवं वित्तीय मामलों से जुड़ी हुई निजी संस्था, “Mastercard” के जुलाई 2010 में CEO नियुक्त हुए. इससे पहले “Citigroup” एशिया-प्रशांत प्रांत के CEO थे. बंगा का जन्म पुणे के पास हुआ है. सेंट स्टीफेंस से अर्थशास्त्र में डिग्री करने के पश्चात IIM अहमदाबाद से पढ़ाई की.
Source: thehindubusinessline

5. शांतनु नारायण

शांतनु नारायण Abode System’s के CEO हैं. साल 2005 से ही ये इस संस्था से जुड़े हुए हैं. उस्मानिया विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने California University से एमबीए भी किया है. इनका नाता भारत के हैदराबाद से जुड़ा रहा है.
Source: community

6. Francisco D’ Souza

जनवरी 2007 में Francisco, Congizant कंपनी के CEO बने. इस दौर में इन्हें सबसे युवा CEO की श्रेणी में रखा जाता है. IT Sector में इनका अनुभव काफ़ी काबिल-ए-तारीफ़ है और जिस कंपनी के साथ ये काम करते हैं उसके राजस्व में काफ़ी बढ़ोतरी होती है.
Source: yahoo

7. अंशु जैन

साल 2012 में ये Deutsche Bank के Co-CEO पद पर नियुक्त हुए. अपने कंधों पर कंपनी का भार संभालने का उत्तरदायित्व और रणनीति निर्माण करने की दक्षता के कारण इन्हें कंपनी को ऊचाईंयों पर पहुंचाने का श्रेय जाता है. इनका जन्म जयपुर में हुआ. श्री राम कॉलेज आफ़ कार्मस से पढ़ाई करने के बाद अपने अनुभव इन्होंने काम करने से ही बटोरे हैं.
Source: bloomberg

8. दिनेश पालीवाल

दिनेश पालीवाल Harman International के CEO हैं. इस कंपनी के लिए दिनेश 2007 से ही काम कर रहे हैं. भारत में पैदा हुए दिनेश फ़िलहाल ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं. इन्होंने IIT रुड़की से पढ़ाई की है.
Source: abb

9. विक्रम पंडित

इनका पूरा नाम विक्रम शंकर पंडित है. Citigroup के CEO रह चुके विक्रम पंडित को सन 2012 में यहां से इस्तीफ़ा देना पड़ा. मराठी परिवार में जन्मे विक्रम ने कोलंबिया विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की. फ़िलहाल अमेरिका की नागरिकता हासिल करने के बाद वहीं जीवनयापन कर रहे हैं.
Source: telegraph

10. सुंदर पिचाई

और आज के दिन ही चर्चा में आये सुंदर पिचाई अब गूगल के नये CEO हैं. इनका जन्म 1972 में तमिलनाडु राज्य में हुआ. अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद सुंदर ने IIT खड़गपुर से पढ़ाई पूरी की. अमेरिका के स्टैनफ़र्ड विश्वविद्यालय से भी इन्होंने पढ़ाई की है. 2004 में इन्होंने गूगल ज्वाइन किया था और आज कड़ी के मेहनत के बाद ये इसके CEO के पद तक पहुंच गये हैं.
Source: navbharattimes
दोस्तों इस पद तक पहुंचना इतना आसान नहीं है लेकिन कड़ी मेहनत के बाद सब कुछ मुमकिन हो सकता है क्योंकि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती.

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